राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी सभागार में इलेक्ट्रोहोम्योपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ हेमंत सेठिया ने एक भव्य अभिनंदन समारोह और चिकित्सक सम्मेलन का आयोजन किया ओर प्रस्तावना में बताया कि कैसे 150 वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद राजस्थान पहला राज्य है जंहा इलेक्ट्रोपेथी बोर्ड का गठन हो गया है। कुछ पेथी वाले हमारा झूठा विरोध कर रहे हैं जबकि में पूरे विनम्र भाव से मंच से निवेदन करता हूँ कि विरोध वैज्ञानिक तरीके से दवा के परिणाम आधारित होना चाहिए। हमारी दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। हमारी दवा केवल मानव ही नही पशु एवम पेड़ पौधों के रोगों तक मे कारगर है।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने इलेक्ट्रोपैथी के भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड के लिए गांधी नगर स्थित विधायक आवास में एक अस्थाई कार्यालय बनाने का ऐलान किया। इसके साथ ही, उन्होंने बजाज नगर में गांधी ग्रामोद्योग बोर्ड के पास 1500 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन पत्र इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष इ.डॉ. हेमंत सेठिया को सौंपा, जिससे स्थाई भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
इलेक्ट्रोपैथी को मिलेगा सरकारी सहयोग
उपमुख्यमंत्री माननीय डॉ. बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इलेक्ट्रोपैथी को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने शिक्षा और शोध में इस पद्धति को स्थान देने, इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और आम जनता तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर नागरिक को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।